वाराणसी पुलिस की बड़ी सफलता: नोएडा से फर्जी नौकरी और लोन ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार।

Varanasi News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में फर्जी नौकरियों और लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने नोएडा से कॉल सेंटर संचालक समेत तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है।  

ऐसे करते थे ठगी॥

गिरोह WorkIndia.com और Naukri.com के Recruiter Portals से जॉब सीकर्स का डेटा प्राप्त करता था। फिर इन्हें Finance 24 Hours नामक फर्जी कंपनी का नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र देकर सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर शामिल कर लिया जाता था। जॉब सीकर्स से उनके क्षेत्र के लोन जरूरतमंदों की फाइलें इकट्ठा करवाई जाती थीं। इसके बाद गिरोह के सदस्य लोन दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस, आरटीजीएस चार्ज, एनओसी चार्ज आदि के बहाने लोगों से लाखों रुपये वसूलते और फिर संपर्क तोड़ देते थे।  

साइबर क्राइम टीम का सराहनीय कार्य॥

इस मामले की शिकायत 24 अक्टूबर 2024 को गोसाईपुर निवासी बृजेश यादव ने दर्ज कराई थी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान नोएडा से तीन शातिर अपराधी—दीपक बहोरा, जितेंद्र कुमार पटेल, और मनोज कुमार गुप्ता—को गिरफ्तार किया गया।  

बरामदगी का विवरण॥

गिरफ्तार अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया:  

  • - 13 मोबाइल (7 कीपैड और 6 स्मार्टफोन)  
  • - 3 लैपटॉप  
  • - 5 एटीएम कार्ड  
  • - फर्जी स्टैंप, कागजात और पहचान पत्र  
  • - 10,000 जॉब सीकर्स का डेटा  
  • - नकद 2,450 रुपये  

अपराधियों का नेटवर्क और आपराधिक इतिहास॥

गिरोह कई फर्जी कंपनियों जैसे RK Associate, Himalaya 24 Hours, RGI Finance Pvt Ltd. के नाम से ठगी कर रहा था। ये लोग फर्जी मोबाइल नंबर और बैंक खातों का इस्तेमाल कर पुलिस की पहुंच से बचने की कोशिश करते थे।  

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान॥

गिरफ्तार आरोपियों में दीपक बहोरा (28 वर्ष) निवासी नेपाल, जितेंद्र कुमार पटेल (32 वर्ष) निवासी जौनपुर और मनोज कुमार गुप्ता (35 वर्ष) गोरखपुर के रहने वाले हैं। इन तीनों का आपराधिक इतिहास लंबा है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच जारी है। अभियुक्तों पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर क्राइम टीम का नेतृत्व निरीक्षक विजय नारायण मिश्र कर रहे हैं, जिन्होंने इस सराहनीय कार्य को अंजाम दिया।

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